सूरजकुंड मेला 2026: उत्तर प्रदेश बना थीम स्टेट—जानिए क्यों

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यू.पी. थीम स्टेट के रूप में चयन

उत्तर प्रदेश को 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले 2026 का थीम राज्य चुना गया है। यह राज्य की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच देगा। इससे यूपी की कला की पहचान दुनिया भर में होगी। आयोजन की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय पर है। यह निर्णय आधिकारिक स्रोतों ने लिया है। यह कदम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच यूपी के शिल्पों की मांग बढ़ाने में मदद करेगा। यूपी के शिल्पकारों के लिए नए बाजार खुलेंगे और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे। साथ ही यूपी के गाँवों से लोक गीत और नृत्य भी प्रस्तुत होंगे। Production केंद्रों से हस्तशिल्प की लाइव बिक्री भी संभव होगी।

कार्यक्रम का स्थान और तिथि

यह मेला हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित होगा। आयोजन 31 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक चलेगा। देश-विदेश के व्यापारी और पर्यटक यहाँ उतरेंगे। यूपी की संस्कृति के अंकन सहित कला प्रदर्शन होगा। विविध राज्यों के प्रतिभागी भी आयेंगे। सुरक्षा और सुविधाओं की योजना पहले से बनाई जा रही है ताकि भीड़ नियंत्रण रहे। उन्नत व्यवस्थाओं से आगंतुकों का अनुभव सहज रहेगा। सुरक्षा प्रबंधन पर विशेष बल रहेगा। यात्रा मार्गों पर स्पष्ट संकेत मिलेंगे।

उत्तर प्रदेश के प्रदर्शित शिल्प और कलाकारी

यूपी अपने प्रसिद्ध शिल्पों के साथ पटल पर उतरेगा। लखनऊ की चिकनकारी और जरी काम की वस्तुएँ प्रमुख आकर्षण होंगी। बनारस के रेशमी वस्त्र और मिट्टी के बर्तन भी प्रदर्शित होंगे। कारीगरों द्वारा लाइव डेमो से प्रदर्शन में ऊर्जा बनी रहेगी। स्थानीय दुकानदारों को भी विपणन अवसर मिलेंगे। यूपी के गाँवों से लोक गीत और नृत्य भी प्रस्तुत होंगे। बनते-बनते मेले की सजावट एक अनोखा दृश्य बन जाएगी। चाय, मिठाई और मसालों की गंध भी वातावरण को जीवंत करेगी। स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

क्यों यह निर्णय महत्वपूर्ण है

थीम राज्य बनने से यूपी को वैश्विक पहचान मिलेगी। यह पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय उद्योगों को मजबूती देगा। मेले से रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे। यूपी की शिल्प परंपरा विश्व खरीदारों तक पहुंचेगी। इससे मेले की सहभागिता और सहभागिता दर में वृद्धि होगी। वैश्विक नेटवर्किंग से नए सहयोग बनेंगे और कलाकारों के लिए नया बाजार खुल जाएगा।

आगे की राह और जानकारी

आधिकारिक घोषणा के अनुसार यह निर्णय लिया गया है। मानक प्रक्रिया के अनुसार आयोजन के लिए बजट और संसाधन निर्धारित होंगे। स्थानीय कलाकार, कारीगर संघ और व्यापार मंडल इसे सफल बनाने में जुटेंगे। अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए स्रोत देखें: Surajkund Mela और Haryana Tourism.

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