एयर इंडिया का बड़ा फैसला: सभी पायलटों की होगी नशीले पदार्थों की जांच
एयर इंडिया (Air India) ने सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाया है। कंपनी अब अपने सभी पायलटों की नशीले पदार्थों (banned substances) के लिए जांच करेगी। यह फैसला 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही उड़ान में हुए हादसे के बाद लिया गया है। उस दौरान विमान की ऊंचाई अचानक लगभग 300 फीट कम हो गई थी। इस घटना में 17 यात्री और क्रू मेंबर घायल हो गए थे। सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
क्या हुआ था 4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली उड़ान में?
फुकेत (HKT) से दिल्ली (DEL) जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान के दौरान अचानक विमान की ऊंचाई में गिरावट आई। यह घटना उस वक्त हुई जब विमान सामान्य उड़ान स्तर पर था। लगभग 300 फीट की यह गिरावट कुछ ही सेकंड में हुई। इससे अंदर मौजूद यात्री और केबिन क्रू सीटों से उछल गए। 17 लोगों को चोटें आईं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई थी। हादसे की जांच में अब नशीले पदार्थों की भूमिका की आशंका जताई जा रही है।
सभी पायलटों की अनिवार्य जांच
एयर इंडिया ने अब तय किया है कि वह अपने सभी पायलटों की रैंडम और समय-समय पर नशीले पदार्थों की जांच करेगा। यह जांच डीजीसीए (DGCA) के नियमों के तहत होगी। कंपनी का मानना है कि सुरक्षा कोई समझौता नहीं कर सकती। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस जांच में कोई पायलट असफल हुआ है या नहीं। लेकिन इस घटना के बाद सभी पायलटों की स्क्रीनिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगा।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले
एयर इंडिया का यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि पायलटों की शारीरिक और मानसिक स्थिति सीधे उड़ान सुरक्षा से जुड़ी होती है। ऐसे में नशीले पदार्थों की जांच एक जरूरी प्रक्रिया है। कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जांच में शामिल सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से गोपनीय रहें। डीजीसीए ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। भविष्य में अन्य एयरलाइंस के लिए भी यह एक मिसाल बन सकता है।
आगे की योजना और नियम
एयर इंडिया अब हर महीने अपने पायलटों की एक निश्चित संख्या की जांच करेगा। इसमें उड़ान से पहले की जांच भी शामिल होगी। इसके अलावा, किसी पायलट के खिलाफ शिकायत मिलने पर तुरंत जांच होगी। यदि कोई पायलट जांच में असफल पाया जाता है, तो उसे तुरंत ड्यूटी से हटा दिया जाएगा। कंपनी यह भी सुनिश्चित करेगी कि ऐसे पायलटों को काउंसलिंग और इलाज मिले। सुरक्षा के प्रति इस कड़े रुख से एयर इंडिया ने एक सकारात्मक संदेश दिया है।
अधिक जानकारी के लिए देखें: डीजीसीए की आधिकारिक वेबसाइट और एयर इंडिया की वेबसाइट।
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