बोइंग ने वैरो से विंग पार्ट्स लेना फिर शुरू किया
अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग ने वैरो से विंग कंपोनेंट्स लेना फिर से शुरू कर दिया है। दोनों कंपनियों के बीच चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। हालांकि, इस विवाद ने बोइंग के उत्पादन पर बुरा असर डाला है। कंपनी को 777 फ्रीटर और 767 विमानों के उत्पादन में कमी का सामना करना पड़ रहा है।
विवाद से उत्पादन प्रभावित
वैरो विंग कंपोनेंट्स की आपूर्ति करने वाली प्रमुख कंपनी है। विवाद के कारण सप्लाई चेन बाधित हुई। इससे बोइंग के कारखानों में काम प्रभावित हुआ। 777 फ्रीटर और 767 विमानों का उत्पादन धीमा हो गया। बोइंग को उत्पादन की भरपाई के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। कंपनी अब सप्लाई को सामान्य करने में जुटी है।
सप्लाई चेन पर असर
विमान निर्माण में सप्लाई चेन की अहम भूमिका होती है। एक भी पार्ट की देरी पूरे उत्पादन को रोक सकती है। वैरो से विंग कंपोनेंट्स की आपूर्ति रुकने से यही हुआ। बोइंग को ग्राहकों को डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा। कंपनी अब देरी की भरपाई के लिए उत्पादन गति बढ़ा रही है।
बोइंग की योजना
बोइंग का लक्ष्य उत्पादन को पटरी पर लाना है। कंपनी वैरो के साथ मिलकर आपूर्ति बढ़ाने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई चेन मजबूत होने से उत्पादन जल्द सामान्य होगा। बोइंग के लिए यह राहत की बात है कि विवाद खत्म हो गया है। अब कंपनी ग्राहकों की डिलीवरी समय पर पूरी करने पर ध्यान दे रही है।
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