Federation of Indian Airlines (FIA) ने भारतीय विमानन क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए एयरपोर्ट टैरिफ आदेश को चुनौती दी है। FIA का कहना है कि हाल ही में जारी टैरिफ आदेश से एयरलाइंस पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर यात्रियों की टिकट कीमतों पर भी पड़ सकता है।
FIA ने आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) द्वारा तय किया गया नया टैरिफ उद्योग से पर्याप्त परामर्श के बिना लागू किया गया। संगठन के अनुसार, एयरपोर्ट यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF), लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में प्रस्तावित बढ़ोतरी से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की ऑपरेटिंग कॉस्ट में इजाफा होगा।
एयरलाइंस का तर्क है कि विमानन उद्योग पहले ही ईंधन की ऊंची कीमतों, कमजोर रुपये और मेंटेनेंस लागत में वृद्धि से जूझ रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट शुल्कों में बढ़ोतरी से सेक्टर की वित्तीय स्थिरता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
FIA ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि टैरिफ आदेश में संशोधन नहीं किया गया, तो एयरलाइंस को मजबूरन यात्रियों पर अतिरिक्त शुल्क डालना पड़ सकता है। संगठन का मानना है कि यह कदम सरकार के हवाई यात्रा को सुलभ और किफायती बनाने के लक्ष्य के विपरीत है।
सूत्रों के अनुसार, FIA ने इस आदेश के खिलाफ न्यायिक और नियामकीय विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है। यदि मामला आगे बढ़ता है, तो यह एयरपोर्ट ऑपरेटरों और एयरलाइंस के बीच शुल्क निर्धारण को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
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