गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: इमिग्रेशन नियमों में संशोधन
गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन नियमों में संशोधन करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब भारत में रहने वाले कई विदेशी नागरिकों को पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेजों की शर्तों से छूट मिलेगी। यह जानकारी आधिकारिक अधिसूचना के जरिए सामने आई है। इस कदम से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
किन-किन श्रेणियों को मिलेगी छूट?
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एक्सेम्प्शन) (संशोधन) आदेश, 2026 के तहत कई श्रेणियां शामिल हैं। इनमें कुछ पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं। पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को भी छूट दी गई है। पंजीकृत श्रीलंकाई तमिल शरणार्थी और तिब्बती भी इस सूची में हैं। ये सभी अब पासपोर्ट संबंधी शर्तों से राहत पा सकेंगे।
अधिसूचना में क्या कहा गया है?
यह आदेश गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। संशोधित नियमों के अनुसार छूट प्राप्त श्रेणियों के विदेशी नागरिकों को विशेष दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उनके रहने और पंजीकरण की प्रक्रिया आसान होगी। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना है।
क्यों है यह कदम अहम?
यह संशोधन उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो वर्षों से भारत में रह रहे हैं। कई शरणार्थी और अल्पसंख्यक परिवार दशकों से देश में बसे हुए हैं। पासपोर्ट न होने के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई छूट से उन्हें कानूनी सुरक्षा और स्थिरता मिलेगी। इससे उनके जीवनयापन में भी सुधार होगा।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला मानवीय दृष्टिकोण से सराहनीय है। इससे भारत की समावेशी नीति भी मजबूत होगी। संबंधित विभाग अब इस आदेश के अनुपालन की तैयारी कर रहे हैं। विस्तृत जानकारी के लिए गृह मंत्रालय की वेबसाइट देखी जा सकती है। आधिकारिक अधिसूचना ई-गजट पोर्टल पर भी उपलब्ध है।











