भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी, फिर भी वैश्विक हिस्सेदारी मामूली
पिछले दस साल में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। लेकिन वैश्विक पर्यटन में भारत की हिस्सेदारी अब भी बेहद कम है। कई अहम श्रेणियों में भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग गिरी है। यह स्थिति चिंता का विषय है।
युवा विदेशी पर्यटकों के बीच भारत पहली पसंद नहीं
भारत अभी तक युवा विदेशी पर्यटकों के लिए प्राथमिक गंतव्य नहीं बन पाया है। आने वाले पर्यटकों का प्रोफाइल मुख्य रूप से बुजुर्ग आयु वर्ग का है। कम उम्र के यात्री भारत की ओर कम आकर्षित हो रहे हैं। इससे पर्यटन उद्योग की दीर्घकालिक संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
वैश्विक पर्यटन रैंकिंग में गिरावट के कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा धारणा और विपणन रणनीति में कमी प्रमुख वजहें हैं। कई देशों ने डिजिटल प्रचार और वीजा सुविधाओं से युवाओं को खींचा। भारत को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। पर्यटन नीति में सुधार जरूरी है।
आगे की राह: युवा पर्यटकों को लुभाने की रणनीति
भारत को सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन पर जोर देना चाहिए। सस्ती होमस्टे, एडवेंचर टूरिज्म और फेस्टिवल पैकेज युवाओं को आकर्षित कर सकते हैं। इसके अलावा, ई-वीजा प्रक्रिया को और आसान बनाना होगा। अधिक जानकारी के लिए UNWTO और भारत पर्यटन मंत्रालय की रिपोर्ट देखें।
कुल मिलाकर, भारत को वैश्विक पर्यटन में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए युवा केंद्रित नीतियों और बेहतर ब्रांडिंग की जरूरत है। तभी विदेशी पर्यटकों का प्रोफाइल बदल सकेगा। देखना होगा कि आने वाले वर्षों में क्या सुधार दिखते हैं।
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