जानें: मालदीव का ट्रैवल टैक्स क्यों टला, पर्यटकों को राहत

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मालदीव ने विदेशी ट्रैवल सेलर्स पर टैक्स टाला

मालदीव ने विदेशी ट्रैवल सेलर्स पर लगने वाला 17% टैक्स अप्रैल 2025 तक के लिए टाल दिया है। इस फैसले से इस सर्दी में वैश्विक पर्यटकों और ट्रैवल एजेंसियों को तुरंत बढ़ी कीमतों से राहत मिली है।

टैक्स टालने का क्या है असर

यह टैक्स विदेशी टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंसियों पर लागू होना था। अब यह 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। पर्यटकों को इस सीजन में पहले जैसी कीमतें मिलती रहेंगी। ट्रैवल एजेंसियों को भी बुकिंग कीमतें बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पर्यटकों और एजेंसियों को फायदा

मालदीव दुनिया के लोकप्रिय हनीमून और बीच डेस्टिनेशन में गिना जाता है। भारत से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां जाते हैं। टैक्स टालने से सर्दियों की छुट्टियों की प्लानिंग आसान होगी। ट्रैवल पैकेज की कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी। इससे बुकिंग में इजाफा हो सकता है।

क्यों लिया गया यह फैसला

मालदीव सरकार पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना चाहती है। सर्दियों का सीजन पर्यटन के लिए सबसे व्यस्त समय होता है। टैक्स तुरंत लागू करने से मांग घट सकती थी। इसलिए सरकार ने एजेंसियों को तैयारी का समय दिया है। यह कदम पर्यटन उद्योग के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

आगे क्या बदलेगा

1 अप्रैल 2025 के बाद विदेशी ट्रैवल सेलर्स पर 17% टैक्स लागू होगा। तब टूर पैकेज महंगे हो सकते हैं। यात्रियों को अभी से बुकिंग की योजना बनानी चाहिए। समय पर बुकिंग से कीमतों में बचत हो सकती है। एजेंसियों को भी नई टैक्स व्यवस्था के लिए तैयार रहना होगा।

मालदीव की पर्यटन नीति और अपडेट्स की जानकारी के लिए देखें मालदीव टूरिज्म। भारत से मालदीव की यात्रा से जुड़ी जानकारी के लिए देखें मालदीव दूतावास।