दुबई-अर्बिल में 910 उड़ानें देरी, 36 रद्द – क्या आपकी भी?

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मध्य पूर्व में उड़ानों का हाल: 910 देरी और 36 रद्द

मध्य पूर्व के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुबई, एरबिल और अन्य शहरों में परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण व्यापक उड़ान व्यवधान देखा गया है। इस दौरान कुल 910 उड़ानों में देरी हुई है, जबकि 36 उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। यह स्थिति यात्रियों और एयरलाइन कंपनियों दोनों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से क्षेत्रीय हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ा है।

दुबई और एरबिल में परिचालन दिक्कतें

खाड़ी देशों में सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सबसे अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं। यहां तकनीकी खामियों और स्टाफ की कमी के कारण शेड्यूल बुरी तरह बिगड़ गया। वहीं, इराक के एरबिल एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा जांच और मौसमी बदलावों ने उड़ान संचालन को धीमा कर दिया। इसके अलावा, कतर और कुवैत के एयरपोर्ट पर भी छोटे व्यवधान दर्ज किए गए हैं। यात्रियों को एयरलाइन कंपनियों से समय पर जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे हवाई अड्डों पर भीड़ और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लाइव फ्लाइट स्टेटस के अनुसार, कई विमानों ने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया है।

यात्रियों को सलाह और एयरलाइन की प्रतिक्रिया

प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने यात्रियों से संपर्क कर फ्लाइट की नई समय-सारणी साझा करने का प्रयास किया है। एमिरेट्स और कतर एयरवेज ने अस्थायी रूप से कुछ उड़ानों को मर्ज या रीशेड्यूल किया है। कई यात्री जिन्होंने कनेक्टिंग फ्लाइट बुक की थी, उन्हें होटल और भोजन की सुविधा प्रदान की गई है। हालांकि, रद्द उड़ानों वाले यात्रियों को रिफंड या अगली उपलब्ध फ्लाइट में मुफ्त स्थानांतरण का विकल्प दिया जा रहा है। यात्रा से पहले एयरपोर्ट अपडेट की जांच करना आवश्यक है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में स्थिति में सुधार हो सकता है। बेहतर होगा कि यात्री अपनी फ्लाइट की स्थिति की पुष्टि एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से करें।

व्यवधान के कारण और बचाव के उपाय

विश्लेषकों के अनुसार, हवाई क्षेत्र में भीड़भाड़ और नियंत्रण केंद्रों की सीमित क्षमता इस व्यवधान का प्रमुख कारण है। साथ ही, क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनाव के चलते कुछ हवाई मार्गों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इससे विमानों को लंबे रास्ते से उड़ान भरनी पड़ रही है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सफर के लिए अतिरिक्त समय रखें। अपने ट्रैवल इंश्योरेंस में फ्लाइट देरी कवर की जांच अवश्य करें। हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच में भी समय लग सकता है। ऐसे में जल्दबाजी से बचना चाहिए। कुल मिलाकर, मध्य पूर्व की हवाई यात्रा फिलहाल प्रभावित है, लेकिन प्रशासनिक प्रयासों से संचालन सामान्य होने की उम्मीद है।

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