बैठक का संदर्भ और उद्देश्य
9 दिसंबर, मंगलवार को पीएमओ ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक बुलाई। यह IndiGo के चल रहे ऑपरेशनल क्राइसिस का आकलन करने के लिए थी। मंत्रालय, DGCA और Airports Authority of India के अधिकारी बैठक में सम्मिलित थे। इसका उद्देश्य यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान को सुनिश्चित करना था। बैठक के मुख्य बिंदु रिफंड में देरी, गुम हुए सामान और हवाई अड्डों पर भीड़ थे। यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान को भी प्राथमिकता दी गई। सरकारी अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि समस्याओं के तेज समाधान मिलें। बैठक ने IndiGo संकट के पीछे के कारणों पर विचार किया और तात्कालिक कदमों की दिशा तय की। यह अनिवार्य माना गया कि सेवाओं में गिरावट से प्रभावित यात्रियों को निरंतर सूचना मिले। बैठक शाम के समय होने से निर्णय लेने में तेजी आई। उन्होंने बताया कि एयरलाइन के साथ निरंतर समन्वय जरूरी है।
मुख्य मुद्दे और तात्कालिक कदम
बैठक में रिफंड प्रक्रिया की मौजूदा गति पर विस्तृत समीक्षा की गई। कई यात्रियों को धन वापसी में समय लग रहा है। IT और भुगतान प्रणालियों की खामियां चिन्हित की गईं। शिकायतें कई महीनों तक लंबित रहने की प्रवृत्ति सामने आई। DGCA ने रिफंड में तेजी के निर्देश दिए। वॉलेट ट्रांजेक्शन और अन्य भुगतान माध्यमों की देरी के मुद्दे भी सामने आए। बग्गेज हैंडलिंग में गड़बड़ियाँ बढ़ी रहीं। कई बार बैग सही गंतव्य पर नहीं पहुंचे। एयरपोर्ट पर भीड़ नियंत्रण के लिए बेहतर कतार-प्रबंधन आवश्यक है। स्टाफ़ की कमी से सेवाओं पर असर पड़ा। उच्च प्रबंधन ने IT-आधारित मॉनिटरिंग और शिकायत ट्रैकिंग पर जोर दिया। तत्काल सुविधाओं के लिए एयरलाइन-एजेंसी समन्वय मजबूत करने पर सहमति बनी।
निगरानी और दीर्घकालीन उपाय
PMO ने स्पष्ट किया कि यात्रियों के हित पहले रखने होंगे। यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए पारदर्शिता जरूरी है। DGCA और AAI के साथ मिलकर निगरानी तंत्र संचालित किया जाएगा। रीयल-टाइम डैशबोर्ड और मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किए जाएंगे। कर्मचारियों की तैनाती बढ़ाने पर विचार किया गया। कतार व्यवस्था, चेक-इन काउंटर्स में सुधार और स्पष्ट संचार को प्राथमिकता मिलेगी। एयरपोर्ट सुरक्षा और प्रवाह के लिए प्रक्रियाओं को संशोधित किया जाएगा। रिफंड और भुगतान प्रक्रियाओं की प्रतिक्रियाशीलता बढ़ेगी। ग्राउंड स्टाफ प्रशिक्षण पर भी फोकस होगा। हेल्पडेस्क और कस्टमर सर्विस टीमों की उपलब्धता बढ़ेगी। आउटेज-रिपोर्टिंग और शिकायत निवारण के लिए तंत्र मजबूत किया जाएगा।
आगे की राह और निष्कर्ष
सरकार ने स्पष्ट किया कि स्थिति पर कड़ी निगरानी बनी रहेगी। IndiGo के साथ अन्य पक्षों के संयुक्त कदम उठाए जाएंगे ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रभावी बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया। यात्रियों को रिफंड जल्द और पारदर्शी तरीके से दिए जाएंगे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। DGCA और AAI निगरानी प्रक्रियाओं में भागीदारी बनाए रखेंगे। समय-समय पर सूचनाएं और प्रगति रिपोर्ट साझा की जाएंगी। अधिक जानकारी के लिए DGCA की वेबसाइट देखें, और AAI के निर्देश भी उपलब्ध होंगे। यह कदम IndiGo संकट के समाधान में मदद करेंगे और यात्रियों की सुरक्षा व संतुष्टि को प्राथमिता देंगे। यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए तंत्र मजबूत किया जाएगा और उद्योग-सरकार सहयोग से परीक्षण के प्रति संवेदनशील बने रहना जरूरी है।












