ताइवान को मिलीं पहली F-16V Block 70 लड़ाकू विमान
ताइवान को अमेरिका से पहली F-16V Block 70 लड़ाकू विमानों की डिलीवरी मिल गई है। यह डिलीवरी काफी समय से लंबित थी, जो अब आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। यह कदम ताइवान की रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। ताइवान ने इन विमानों की खरीद के लिए 2020 में अमेरिका के साथ समझौता किया था। इस समझौते के तहत कुल 66 नए F-16V विमान शामिल हैं। पहली खेप में कुछ विमान ताइवान पहुंच गए हैं, जबकि बाकी की डिलीवरी अगले कुछ वर्षों में पूरी होगी। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ये विमान ताइवान की वायु सेना को नई ताकत देंगे।
लंबी देरी के बाद शुरू हुई डिलीवरी प्रक्रिया
इन विमानों की डिलीवरी में कई बार देरी हुई थी। पहले इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कोविड-19 महामारी और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं के कारण यह टालती रही। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, अब डिलीवरी की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया है। मंत्रालय ने कहा कि ये विमान देश की वायु रक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने में सहायक होंगे। F-16V Block 70 को दुनिया का सबसे उन्नत चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान माना जाता है। इसमें नई रडार प्रणाली, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता और अत्याधुनिक मिसाइलें शामिल हैं।
F-16V Block 70 की खूबियां और क्षमताएं
F-16V Block 70 विमान में AESA रडार लगा है, जो दुश्मन के ठिकानों को दूर से ही पहचान लेता है। यह विमान 12,000 किलोग्राम तक हथियार ले जाने में सक्षम है। इसकी अधिकतम गति मैक 2 से अधिक है, जो इसे हवा में बेहद तेज बनाती है। साथ ही, इसमें सुरक्षित डेटा लिंक और उन्नत नेविगेशन सिस्टम मौजूद है। ताइवान की वायु सेना पहले से ही F-16A/B विमानों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन नए Block 70 मॉडल कहीं ज्यादा सक्षम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये विमान ताइवान को क्षेत्रीय सुरक्षा में एक मजबूत स्थान देंगे। इस डिलीवरी से ताइवान और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग और गहरा हुआ है।
भू-राजनीतिक संदर्भ और चीन की प्रतिक्रिया
ताइवान को ये विमान मिलना चीन के लिए संवेदनशील मुद्दा है। चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और उसकी सैन्य मदद का विरोध करता है। चीनी विदेश मंत्रालय ने पहले भी इस सौदे पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, अमेरिका ने कहा है कि यह कदम ताइवान की आत्मरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह डिलीवरी ताइवान रिलेशंस एक्ट के तहत वैध है। इस घटनाक्रम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। फिर भी, ताइवान अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले महीनों में बाकी विमानों की डिलीवरी से ताइवान की सैन्य ताकत और बढ़ेगी। अधिक जानकारी के लिए रक्षा समाचार और रॉयटर्स की रिपोर्ट देखें।
ताइवान की इस नई सैन्य क्षमता का असर क्षेत्रीय संतुलन पर देखा जाएगा। विशेषज्ञ इसे ताइवान स्ट्रेट में सुरक्षा संतुलन बदलने वाला कदम मानते हैं। वहीं, ताइवानी नागरिकों में इसका स्वागत किया जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नए विमानों की ट्रेनिंग जल्द शुरू होगी। यह डिलीवरी ताइवान के रक्षा आधुनिकीकरण में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में और विमानों के पहुंचने की उम्मीद है, जिससे ताइवान की वायु सेना और सशक्त होगी।












