अमेरिका में पर्यटन कर और ग्रीन फीस का नया दौर
2026 में अमेरिका के कई शहरों और राज्यों ने पर्यटन कर, ग्रीन फीस और वीजा सरचार्ज लागू किए हैं। इनका मकसद ओवर टूरिज्म को कम करना है। साथ ही स्थानीय सुविधाओं के लिए धन जुटाना है। हवाई से न्यूयॉर्क तक यह नियम लागू हो रहे हैं। इससे यात्रियों की लागत बढ़ रही है। लेकिन शहरों को बड़ा वित्तीय लाभ मिल रहा है।
हवाई में ग्रीन फीस का असर
हवाई ने समुद्र तटों और प्राकृतिक स्थलों की सुरक्षा के लिए ग्रीन फीस बढ़ाई है। हर पर्यटक को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह पैसा पर्यावरण संरक्षण में खर्च होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे भीड़भाड़ कम होगी। स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी। पर्यटन उद्योग को नुकसान की आशंका है।
न्यूयॉर्क और अन्य शहरों की पहल
न्यूयॉर्क शहर ने होटल कर और वीजा सरचार्ज में वृद्धि की है। इससे शहर की सड़कों और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव घटेगा। कई अन्य राज्यों ने भी ऐसे उपाय अपनाए हैं। फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया में भी नए शुल्क लागू हुए हैं। यात्रियों को अब अधिक बजट रखना होगा। वेबसाइट यूएस ट्रैवल एसोसिएशन पर जानकारी उपलब्ध है।
ओवर टूरिज्म से निपटने की रणनीति
इन करों का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर दबाव कम करना है। सरकार चाहती है कि पर्यटक कम भीड़ वाले इलाकों में जाएं। इससे राजस्व भी बढ़ेगा और संतुलन बनेगा। लेकिन छोटे व्यवसायों को चुनौती मिल सकती है। पर्यटकों को नई योजना बनानी होगी। अधिक जानकारी नेशनल पार्क सर्विस की वेबसाइट पर मिल सकती है।
भारतीय यात्रियों के लिए सलाह
भारतीय पर्यटकों को अमेरिका यात्रा से पहले नए शुल्क जरूर जांचने चाहिए। वीजा सरचार्ज और ग्रीन फीस अलग-अलग राज्यों में भिन्न हैं। बजट बनाते समय इन्हें शामिल करें। समय पर आवेदन करें और नियम पढ़ें। इससे यात्रा सुगम और सस्ती हो सकती है।
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