New Amrit Bharat Trains : असम को मिल सकता है तीन नई ट्रेनों का तोहफा, पूरे दे में चलेंगी सैकड़ों नई ट्रेने

नई दिल्ली (ट्रैवल पोस्ट) New Amrit Bharat Trains : भारतीय रेल अगले 2-3 सालों में पूरे देश में 200 वंदे भारत, 100 अमृत भारत, 50 नमो भारत रैपिड ट्रेन चलाने की तैयारी में है। पूर्वोत्तर भारत में विशेष रूप से असम में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। सोमवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हुई बैठक में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा, जिस पर रेल मंत्री ने सहमति जताई।

railway minister Ashvani vaishnav
railway minister Ashvani vaishnav

New Amrit Bharat Trains : प्रस्तावित रेल परियोजनाएं

इस बैठक में मुख्य रूप से चार प्रमुख मांगें रखी गईं:

  1. तीन नई अमृत भारत ट्रेनें: असम को तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों से जोड़ने का अनुरोध किया गया, जिससे राज्य की अन्य राज्यों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

  2. नया रेल लिंक: सुरम्य उमरंगसो शहर को होजई जिले के लंका से जोड़ने वाले नए रेल संपर्क का प्रस्ताव।

  3. भारत-भूटान रेल लिंक: कोकराझार से भूटान की ‘गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी’ तक प्रस्तावित रेलवे लाइन के कार्यों में तेजी लाने का आग्रह। यह परियोजना द्विपक्षीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी।

  4. अतिरिक्त स्टॉपेज: असम से गुजरने वाली मौजूदा प्रमुख ट्रेनों में अधिक ठहराव की मांग, ताकि स्थानीय यात्रियों, खासकर ग्रामीण इलाकों के लोगों को सुविधा मिल सके।

आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री सरमा ने जोर देकर कहा कि असम में रेलवे का विस्तार राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित होगा।

New Amrit Bharat Trains : रेल मंत्री का सकारात्मक रुख

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि रेल मंत्रालय इन्हें प्राथमिकता के आधार पर देखेगा। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इसे “बहुत ही उपयोगी बैठक” बताते हुए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के लागू होने से न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।