एयरबस का हाईटेक सेंटर: 9,000 क्रू, पायलट और तकनीशियनों को ट्रेनिंग!

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एयरबस ने फ्रांस में खोला नया उड़ान प्रशिक्षण केंद्र

एयरबस ने फ्रांस के टूलूज़ में अपने नए उड़ान संचालन और प्रशिक्षण स्काईवाइज कैंपस को आधिकारिक रूप से खोल दिया है। यह एक आधुनिक विमानन प्रशिक्षण केंद्र है। इसका उद्देश्य पायलटों, रखरखाव तकनीशियनों और केबिन क्रू की अगली पीढ़ी को तैयार करना है।

यह कैंपस एयरबस के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करता है। टूलूज़ में यह नया केंद्र उड़ान सुरक्षा को बढ़ावा देगा। इससे एयरलाइन कर्मियों को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण मिलेगा। एयरबस की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध है।

नई तकनीक से लैस है यह प्रशिक्षण सुविधा

इस स्काईवाइज कैंपस में अत्याधुनिक सिम्युलेटर और डिजिटल टूल्स लगाए गए हैं। ये उपकरण यथार्थवादी उड़ान अनुभव प्रदान करते हैं। प्रशिक्षण में डेटा एनालिटिक्स का उपयोग होगा। इससे छात्रों की सीखने की प्रक्रिया तेज होगी।

एयरबस का कहना है कि यह केंद्र विमानन उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा करेगा। वैश्विक स्तर पर कुशल कर्मियों की कमी है। यह कैंपस उस कमी को दूर करने में मदद करेगा। फ्लाइटग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण का महत्व बढ़ रहा है।

पांच हजार वर्ग मीटर में फैला है कैंपस

यह नया कैंपस पांच हजार वर्ग मीटर में फैला हुआ है। इसमें एक साथ कई छात्र प्रशिक्षण ले सकते हैं। चौबीसों घंटे संचालन की सुविधा है। इससे एयरलाइंस को अपने कर्मियों के लिए लचीला प्रशिक्षण मिलेगा।

एयरबस के सीईओ ने बताया कि यह केंद्र कंपनी के दीर्घकालिक लक्ष्यों का हिस्सा है। इससे एयरबस के ग्राहकों को बेहतर सेवा मिलेगी। प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर है।

भारतीय एयरलाइंस को भी होगा लाभ

इस कैंपस से भारतीय एयरलाइंस को भी फायदा हो सकता है। कई भारतीय पायलट और तकनीशियन विदेश में प्रशिक्षण लेते हैं। यह नया केंद्र उनके लिए एक विकल्प होगा। एयरबस का कहना है कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त करना किफायती होगा।

भारत में विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए प्रशिक्षित कर्मियों की जरूरत है। एयरबस का यह कदम भारतीय बाजार को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

भविष्य के लिए एक बड़ा कदम

यह कैंपस एयरबस की विजन का प्रतीक है। कंपनी डिजिटल प्रशिक्षण में निवेश बढ़ा रही है। इससे विमानन उद्योग में एक नया मानक स्थापित होगा। एयरलाइंस अब अपने कर्मियों को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित कर सकेंगी।

एयरबस के अनुसार, इस केंद्र से हर साल हजारों छात्र प्रशिक्षित होंगे। यह विमानन सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद करेगा। टूलूज़ अब विमानन प्रशिक्षण का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।
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