अमेरिकन एयरलाइंस के क्रू मेंबर्स ने ICE गतिविधि पर जताई चिंता
अमेरिकन एयरलाइंस (American Airlines) के फ्लाइट अटेंडेंट्स ने अमेरिकी हवाई अड्डों पर बढ़ती ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) कार्रवाई को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि इस गतिविधि से क्रू और यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा है। यह मुद्दा अब सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है। फ्लाइट अटेंडेंट्स का मानना है कि अचानक होने वाली ICE छापेमारी से केबिन में तनाव और अव्यवस्था फैलती है। इसकी जानकारी यूनियन के एक आधिकारिक बयान में दी गई है।
कर्मचारियों ने उठाई आवाज, कहा- सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल फ्लाइट अटेंडेंट्स (APFA) ने अपने सदस्यों को भेजे नोट में यह खुलासा किया है। इसमें बताया गया कि ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति के तहत ICE एजेंट अब प्लेन और गेट पर सीधे कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, ऐसी कार्रवाई अक्सर बिना किसी पूर्व सूचना के होती है। अटेंडेंट्स का दावा है कि इससे वे अपने कर्तव्यों का पालन ठीक से नहीं कर पाते हैं। वे आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की मदद करने में भी विफल हो सकते हैं। यह स्थिति सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। अमेरिकन एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइट पर अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। फिर भी, विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ सकता है। साथ ही, यात्री सेवा की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
यात्रियों में डर का माहौल, विरोध प्रदर्शन जारी
इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर कई यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए हैं। एक यात्री ने बताया कि बोर्डिंग से पहले अचानक कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। इससे अन्य यात्रियों में दहशत फैल गई। फ्लाइट अटेंडेंट्स की यूनियन ने सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। वे चाहते हैं कि ICE एजेंटों के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं। मसलन, विमान में चढ़ने से पहले कप्तान की अनुमति लेना जरूरी हो। या फिर किसी निजी स्थान पर कार्रवाई करना सुनिश्चित हो। इसके अलावा, फ्लाइट क्रू को भी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए कि ऐसी स्थिति से कैसे निपटना है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अब यह मुद्दा संसद में भी उठाया जा सकता है। कई सांसदों ने इस मामले में हस्तक्षेप की बात कही है।
आगे की राह और संभावित समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि ICE और एयरलाइन कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। फ्लाइट अटेंडेंट्स ने साफ कहा है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा खतरे में आई, तो वे उड़ान भरने से मना कर सकते हैं। ऐसे में एयरलाइन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अमेरिकन एयरलाइंस के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है कि वे कानून का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, वे अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी हरसंभव प्रयास करेंगे। फिलहाल, यह देखना होगा कि सरकार इस संकट को कैसे सुलझाती है। यह पूरा विवाद अमेरिकी आव्रजन नीति पर एक नई बहस को जन्म दे सकता है। इसका असर आने वाले दिनों में अन्य एयरलाइनों पर भी देखने को मिल सकता है।
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