देखें लुफ्थांसा का पहला 777-9 उड़ा, 777X का बड़ा कदम

lufthansa-first-777-9-flight-777x-milestone

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बोइंग 777-9 की पहली उड़ान, लुफ्थांसा को मिलेगी नई विमान

बोइंग की पहली उत्पादन इकाई 777-9 विमान ने 7 मई को सफल परीक्षण उड़ान भरी। यह विमान लुफ्थांसा (LH) एयरलाइंस को दिया जाएगा। यह उड़ान लंबे समय से विलंबित 777X कार्यक्रम के लिए बड़ी सफलता है।

बोइंग 777X श्रृंखला का यह सबसे बड़ा मॉडल है। इसकी क्षमता 400 से अधिक यात्रियों को ले जाने की है। यह विमान ईंधन दक्षता में 10% बेहतर है। इसमें नए फोल्डिंग विंग टिप्स हैं। यह तकनीक विमान को छोटे गेट पर भी फिट होने देती है।

लुफ्थांसा के लिए बड़ी उपलब्धि

लुफ्थांसा इस विमान को अपने बेड़े में शामिल करने वाली पहली एयरलाइन होगी। एयरलाइन ने 20 बोइंग 777-9 का ऑर्डर दिया है। ये विमान लंबी दूरी की उड़ानों के लिए उपयोग होंगे। नई बोइंग 777X तकनीक से यात्रा अनुभव बेहतर होगा।

विमान के केबिन में चौड़ी सीटें और बड़ी खिड़कियां होंगी। यह यात्रियों को अधिक आराम देगा। लुफ्थांसा इसे फ्रैंकफर्ट से म्यूनिख और अन्य मार्गों पर चलाएगी।

777X कार्यक्रम की चुनौतियां

बोइंग 777X कार्यक्रम को कई देरी का सामना करना पड़ा था। पहले 2020 में डिलीवरी शुरू होनी थी। लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसमें देरी हुई। अब 2025 तक पहली डिलीवरी संभव है।

बोइंग ने परीक्षण उड़ानों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। कंपनी का कहना है कि विमान सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है। लुफ्थांसा की टीम ने उड़ान का निरीक्षण किया।

भारत के लिए संभावनाएं

भारतीय एयरलाइंस भी 777X में रुचि दिखा सकती हैं। यह विमान लंबी दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त है। भारत से अमेरिका और यूरोप के मार्गों पर इसका उपयोग हो सकता है।

एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस बेड़े का विस्तार कर रही हैं। बोइंग 777X उनके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। कम ईंधन खपत से लागत घटेगी।

निष्कर्ष

बोइंग 777-9 की पहली उड़ान विमानन उद्योग के लिए अहम है। यह तकनीकी प्रगति और सुरक्षा दोनों का प्रतीक है। लुफ्थांसा को जल्द ही यह विमान मिलेगा। देरी के बाद भी बोइंग का भरोसा बरकरार है। भविष्य में यह विमान लंबी दूरी की यात्रा को बदल सकता है।
Related: डेल्टा पर मुकदमा: सिएटल आग बचाव में यात्री घायल