जापान में बढ़ा एटोमिडेट तस्करी का दबाव
जापानी अधिकारियों ने एटोमिडेट नामक दवा की तस्करी के मामलों के बाद कार्रवाई तेज कर दी है। यह मामले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से जुड़े हैं। ये यात्री कुछ विशेष एयरलाइन्स से आए थे। इन एयरलाइन्स के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
तस्करी के बड़े मामले सामने आए
हाल में एटोमिडेट की तस्करी के कई बड़े मामले सामने आए हैं। एटोमिडेट एक शक्तिशाली नींद की दवा है। इसका दुरुपयोग नशे के लिए किया जा सकता है। यह तस्करी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए की जा रही थी। इससे जापान की सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
अधिकारी इस दवा की अवैध तस्करी पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने हवाई अड्डों पर सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं। यात्रियों की जांच अब और सख्त हो गई है। इसका मकसद दवा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना है। जापान में दवा नियंत्रण नीतियां काफी सख्त हैं।
अधिकारियों की कार्रवाई जारी
जापानी सीमा शुल्क और नारकोटिक्स कंट्रोल विभाग सक्रिय हो गया है। वे संदिग्ध यात्रियों पर विशेष नजर रख रहे हैं। तस्करी रोकने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे दवा की अवैध खेप पकड़ी जा सकेगी। अधिकारी इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।
इस घटना से अंतरराष्ट्रीय यात्रा सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। यह मामला वैश्विक दवा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जापान की कार्रवाई अन्य देशों के लिए एक सबक है। दवा तस्करी रोकने के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी ऐसे पदार्थों के दुरुपयोग पर चिंता जताई है।
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