पर्यटन क्षेत्र में नए अवसरों का दौर
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय होटल उद्योग देश की आर्थिक वृद्धि में बड़ा योगदान देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत का पर्यटन क्षेत्र अब विस्तार के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। यह बात उन्होंने काशी (वाराणसी) में आयोजित 56वें FHRAI वार्षिक सम्मेलन में कही। इस मौके पर होटल और रेस्तरां एसोसिएशनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। मंत्री ने उद्योग की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने इसे रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बताया।
होटल उद्योग की भूमिका पर जोर
शेखावत ने कहा कि होटल उद्योग सिर्फ आवास का साधन नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास का मजबूत स्तंभ है। देश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे होटल और आतिथ्य क्षेत्र की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इससे स्थानीय समुदायों को भी लाभ मिलेगा। मंत्री ने उद्योग जगत से आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने टिकाऊ पर्यटन पर विशेष बल दिया।
वाराणसी का विशेष महत्व
वाराणसी को पर्यटन के लिहाज से देश का सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है। इस सम्मेलन का आयोजन यहां करना प्रतीकात्मक है। शेखावत ने बनारस के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि काशी की गलियां और घाट दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। सरकार इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी। होटल उद्योग को भी यहां निवेश के नए अवसर तलाशने चाहिए। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
आर्थिक विकास में योगदान की उम्मीद
मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में होटल उद्योग जीडीपी में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बढ़ाएगा। पर्यटन से जुड़े छोटे और बड़े कारोबार तेजी से फल-फूल रहे हैं। शेखावत ने कहा कि डिजिटल माध्यमों ने बुकिंग और सेवाओं को सरल बना दिया है। ऐसे में उद्योग को भी नई तकनीक अपनानी चाहिए। उन्होंने एफएचआरएआई के प्रयासों की सराहना की। यह संगठन होटल और रेस्तरां उद्योग के हितों की रक्षा करता है। FHRAI की आधिकारिक वेबसाइट पर संगठन की गतिविधियों की जानकारी मिलती है।
भविष्य की रूपरेखा और समग्र दृष्टि
भारत सरकार का लक्ष्य वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर देश को शीर्ष पर लाना है। इसके लिए बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और विपणन पर काम चल रहा है। शेखावत ने कहा कि पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय मिलकर समग्र रणनीति बना रहा है। होटल उद्योग के नेताओं को सुझावों के साथ आगे आना चाहिए। सरकार के सहयोग से यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ेगा। गौरतलब है कि भारत में पर्यटन क्षेत्र ने पिछले दशक में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। वैश्विक स्तर पर यह भी देखा जा रहा है कि होटल उद्योग में निवेश बढ़ रहा है। अधिक जानकारी के लिए पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट देखी जा सकती है। सम्मेलन के दौरान उद्योग जगत के दिग्गजों ने भी अपने विचार रखे। कुल मिलाकर, यह आयोजन पर्यटन के भविष्य को दिशा देगा।
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