सबसे बड़ी वायुसेना को चाहिए सस्ती मिसाइल, कार्गो से लॉन्च!

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अमेरिकी वायुसेना ने मांगा सस्ता एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम

अमेरिकी वायुसेना (USAF) ने एक नई तकनीक के लिए आवेदन मांगा है। इसका नाम FAMM-BAR है। यह एक RFI (सूचना अनुरोध) है। इसका मकसद सस्ती और लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल बनाना है। यह मिसाइल 1,000 नॉटिकल मील (लगभग 1,852 किमी) तक मार कर सकेगी। इसे कार्गो विमानों के पैलेट से लॉन्च किया जाएगा। इससे बड़े पैमाने पर हमला करना आसान होगा।

FAMM-BAR का पूरा नाम “Friendly Affordable Maritime Mass – Boosted Air Ramjet” है। यह एक नया कॉन्सेप्ट है। इसमें कई मिसाइलों को एक साथ लॉन्च किया जा सकता है। इससे दुश्मन के जहाजों पर भारी दबाव बनेगा। अमेरिकी वायुसेना चाहती है कि यह सिस्टम सस्ता हो। साथ ही, यह आसानी से उपलब्ध हो। इसके लिए कंपनियों को जवाब देना होगा।

कार्गो विमानों से मिसाइल लॉन्च करने का फायदा

कार्गो विमानों से मिसाइल लॉन्च करना एक नई रणनीति है। इससे बड़े विमानों, जैसे C-130 या C-17, का इस्तेमाल होगा। ये विमान आमतौर पर माल ढोने के काम आते हैं। अब इन्हें युद्ध में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इन विमानों में पैलेट पर मिसाइलें रखी जाएंगी। फिर हवा से ही इन्हें लॉन्च किया जाएगा। इस तरह, एक ही विमान से कई मिसाइलें दागी जा सकती हैं।

इससे लागत कम होगी। क्योंकि, इन विमानों का रखरखाव सस्ता है। साथ ही, ये लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं। इससे दुश्मन के जहाजों पर हमला करना आसान होगा। यह तकनीक चीन जैसे देशों के लिए खतरा बन सकती है। जो समुद्र में अपनी सेना बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी वायुसेना इसे “मास स्ट्राइक” क्षमता कह रही है। यानी एक साथ कई हमले।

FAMM-BAR तकनीक कैसे काम करेगी?

FAMM-BAR में “Air Ramjet” इंजन का इस्तेमाल होगा। यह एक तरह का जेट इंजन है। यह हवा को संपीड़ित करके आगे बढ़ता है। इससे मिसाइल की रफ्तार बहुत तेज होगी। यह सुपरसोनिक स्पीड से उड़ सकती है। इससे दुश्मन का पता लगाना मुश्किल होगा। मिसाइल 1,000 नॉटिकल मील तक मार करेगी। यानी 1,852 किलोमीटर दूर तक।

इस मिसाइल को “Boosted” कहा गया है। यानी इसमें एक बूस्टर लगा होगा। यह मिसाइल को शुरुआती स्पीड देगा। फिर रैमजेट इंजन काम करेगा। इससे मिसाइल लंबी दूरी तक उड़ सकेगी। अमेरिकी वायुसेना चाहती है कि यह सिस्टम बहुत सस्ता हो। ताकि बड़ी संख्या में मिसाइलें खरीदी जा सकें। इसके लिए कंपनियों को 30 दिनों में जवाब देना होगा।

रणनीतिक महत्व और भविष्य की योजना

यह सिस्टम अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लिए बहुत जरूरी है। समुद्र में बढ़ते खतरों के कारण, यह नई तकनीक विकसित की जा रही है। चीन और रूस जैसे देश नए एंटी-शिप मिसाइल बना रहे हैं। इसलिए अमेरिका को भी अपनी क्षमता बढ़ानी है। FAMM-BAR से किसी भी कार्गो विमान को “मिसाइल ट्रक” में बदला जा सकेगा।

इसके अलावा, यह सिस्टम “लॉन्च एंड लीव” रणनीति को बढ़ावा देगा। यानी विमान मिसाइलें लॉन्च करके तुरंत वहां से निकल जाएगा। इससे पायलटों को कम खतरा होगा। अमेरिकी वायुसेना ने पहले भी एयर फोर्स के लिए ऐसे प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं। जैसे “Rapid Dragon” सिस्टम। इसमें C-130 से क्रूज मिसाइलें लॉन्च की गई थीं। FAMM-BAR उसी का नया वर्जन है।

भारत के लिए संभावित सबक

भारत भी अपनी समुद्री सुरक्षा के लिए ऐसी तकनीक अपना सकता है। भारतीय वायुसेना के पास C-130 और C-17 जैसे कार्गो विमान हैं। इनका इस्तेमाल सैन्य माल ढोने के लिए होता है। अगर ऐसी मिसाइलें हों, तो ये विमान युद्ध में भी काम आ सकते हैं। इससे लागत बचेगी और हमला करने की क्षमता बढ़ेगी।

DRDO पहले से ही स्वदेशी मिसाइलें बना रहा है। लेकिन, कार्गो विमानों से लॉन्च करने की तकनीक पर काम कम हुआ है। भारत को इस दिशा में सोचना चाहिए। खासकर हिंद महासागर में बढ़ते खतरों को देखते हुए। इससे सेना को नई ताकत मिलेगी। साथ ही, लंबी दूरी के हमले आसान होंगे।
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