जेटब्लू 29 अप्रैल से नंबर वाले बोर्डिंग ग्रुप पर करेगा स्विच
जेटब्लू एयरलाइंस ने 29 अप्रैल से अपनी बोर्डिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब यात्रियों को पारंपरिक तरीके के बजाय नंबर वाले बोर्डिंग ग्रुप में बांटा जाएगा। इस नई व्यवस्था से एयरलाइन का उद्देश्य विमान में चढ़ने की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाना है। हालांकि, बार-बार यात्रा करने वाले यात्री इस बदलाव से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि इससे उड़ानों में देरी हो सकती है और उनकी लॉयल्टी टियर की वैल्यू कम हो सकती है।
नई प्रणाली के तहत, यात्रियों को एक विशिष्ट नंबर असाइन किया जाएगा। यह नंबर उनके बोर्डिंग क्रम को तय करेगा। पहले, जेटब्लू ग्रुप ए, बी या सी जैसे अक्षरों का इस्तेमाल करता था। अब यह सिस्टम बदलकर 1 से 8 तक के नंबर वाले ग्रुप में हो जाएगा। यह बदलाव एयरलाइन के मौजूदा नियमों में बड़ा बदलाव दिखाता है। जेटब्लू की आधिकारिक वेबसाइट पर इस बदलाव की जानकारी दी गई है।
बार-बार उड़ान भरने वाले यात्री चिंतित
इस बदलाव के बारे में लगातार यात्रा करने वाले यात्री चिंतित हैं। उन्हें डर है कि नई प्रणाली से बोर्डिंग में देरी होगी। इसके अलावा, उनका मानना है कि इससे उनकी लॉयल्टी टियर की वैल्यू कम हो जाएगी। उदाहरण के लिए, जिन यात्रियों के पास मोज़ेक स्टेटस है, वे पहले तुरंत बोर्डिंग कर सकते थे। अब उन्हें अपने नंबर के हिसाब से इंतजार करना पड़ेगा। इस बदलाव ने कई यात्रियों को परेशान किया है और वे अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
एक यात्री ने कहा, “नई प्रणाली से बोर्डिंग में भीड़भाड़ बढ़ेगी।” दूसरे ने कहा, “मेरे लॉयल्टी पॉइंट्स अब कम महत्वपूर्ण हो गए हैं।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव जेटब्लू के लिए जोखिम भरा हो सकता है। क्योंकि बार-बार यात्रा करने वाले यात्री एयरलाइन के सबसे बड़े ग्राहक हैं।
नई प्रणाली से कैसे होगा काम?
नई प्रणाली के तहत, एक यात्री को एक नंबर वाला ग्रुप मिलेगा। जैसे, ग्रुप 1, ग्रुप 2 या ग्रुप 3। यह नंबर उनकी सीट, बुकिंग के समय या टिकट के प्रकार पर निर्भर करेगा। ग्रुप 1 में प्रीमियम केबिन के यात्री और उच्च लॉयल्टी वाले यात्री हो सकते हैं। ग्रुप 2 और 3 में अन्य यात्री शामिल होंगे। इससे बोर्डिंग को तेज करने में मदद मिलेगी।
जेटब्लू के प्रवक्ता ने कहा, “हम यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नई प्रणाली से यात्रियों को अधिक पारदर्शिता मिलेगी।” हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह प्रणाली सभी हवाई अड्डों पर लागू होगी या नहीं।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बोर्डिंग पास को ध्यान से जांचें। अपने ग्रुप नंबर को याद रखना जरूरी है। अगर आप जेटब्लू से यात्रा कर रहे हैं, तो एयरलाइन के ऐप या ईमेल से अपडेट देखें। इस बदलाव से बचने के लिए, यात्री जल्दी चेक-इन कर सकते हैं। या फिर, प्रीमियम सेवाओं का चयन कर सकते हैं।
अंत में, यह बदलाव जेटब्लू के लिए एक बड़ा कदम है। हालांकि, इससे बार-बार यात्रा करने वाले यात्री असंतुष्ट हो सकते हैं। समय ही बताएगा कि यह प्रणाली सफल होगी या नहीं।
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