नरीटा एयरपोर्ट का विस्तार संकट में: क्या 2029 की समयसीमा खतरे में?

नरिता अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (NRT) के संचालक ने जापान सरकार को सूचित किया है कि लंबे समय से लंबित विस्तार कार्यों में तेजी लाने के लिए वह अनिवार्य भूमि अधिग्रहण शुरू कर सकता है।

विस्तार परियोजना में देरी

नरिता हवाई अड्डे का विस्तार कार्य वर्षों से अटका हुआ है। यह देरी मुख्य रूप से स्थानीय भूस्वामियों से सहमति न मिलने के कारण हुई है। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने अब सरकार को आधिकारिक सूचना दी है। उन्होंने अनिवार्य भूमि अधिग्रहण का विकल्प सुझाया है। इसका उद्देश्य परियोजना की गति बढ़ाना है।

अनिवार्य अधिग्रहण का विकल्प

जापानी कानून के तहत यह प्रक्रिया संभव है। इसमें सार्वजनिक हित की परियोजनाओं के लिए भूमि ली जा सकती है। हवाई अड्डा संचालक ने यह कदम विचार के लिए प्रस्तावित किया है। इससे तीसरे रनवे के निर्माण जैसे काम आगे बढ़ सकते हैं। टोक्यो की बढ़ती यातायात मांग को पूरा करना एक बड़ा लक्ष्य है।

स्थानीय विरोध और चुनौतियां

नरिता हवाई अड्डे का विस्तार लंबे समय से विवादास्पद रहा है। स्थानीय समुदाय और किसान भूमि अधिग्रहण का विरोध करते आए हैं। अनिवार्य अधिग्रहण से तनाव बढ़ने की आशंका है। प्राधिकरण को सामाजिक स्वीकृति और कानूनी प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाना होगा। जापान में बुनियादी ढांचा विकास अक्सर ऐसी चुनौतियों का सामना करता है।

भविष्य की राह और महत्व

यह निर्णय जापान की विमानन बुनियादी ढांचा नीति के लिए महत्वपूर्ण है। नरिता एशिया का एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हब है। इसके विस्तार से देश की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। पर्यटन और व्यापार दोनों लाभान्वित होंगे। सरकार और संचालक दोनों ही इस मुद्दे पर सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं।

इस संदर्भ में जापान के परिवहन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध है। विमानन नीति से जुड़े अपडेट के लिए सिविल एविएशन ब्यूरो के संसाधन भी देखे जा सकते हैं।
Related: मुंबई पुनर्विकास के लिए ऊंचाई की नई छूट