भारत बना प्रमुख आउटबाउंड बाजार, सारावाक पर्यटन बोर्ड ने बढ़ाई फोकस
भारत एक उच्च क्षमता वाले आउटबाउंड बाजार के रूप में उभर रहा है। सारावाक पर्यटन बोर्ड ने इसका लाभ उठाने की रणनीति बनाई है। बोर्ड स्थायी व्यापार भागीदारी पर जोर दे रहा है। साथ ही विशिष्ट अनुभवात्मक प्रचार को बढ़ावा दे रहा है।
सारावाक की भारत रणनीति में दीर्घकालिक जागरूकता पर जोर
सारावाक पर्यटन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शरजेदे दातु हाजी सल्लेह अस्कोर ने रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि भारत के लिए रणनीति दीर्घकालिक जागरूकता निर्माण पर केंद्रित है। यह यात्री प्राथमिकताओं के साथ गंतव्य प्रस्तावों को संरेखित करती है। इसका उद्देश्य भारतीय यात्रियों की बदलती मांगों को पूरा करना है।
निचे अनुभव और सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन
सारावाक की योजना निचे अनुभवों को प्रमोट करने की है। यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता मुख्य आकर्षण हैं। बोर्ड विशेष रुचि वाले पर्यटन को बढ़ावा देगा। इसमें जंगल साहसिक और स्वदेशी संस्कृति अनुभव शामिल होंगे। ये भारतीय यात्रियों के लिए नए आकर्षण पेश करेंगे।
टिकाऊ भागीदारी और डिजिटल उपस्थिति बढ़ाने पर फोकस
स्थायी व्यापार संबंध इस रणनीति का मूल हैं। सारावाक भारतीय टूर ऑपरेटरों के साथ मजबूत संबंध विकसित कर रहा है। साथ ही डिजिटल मार्केटिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सारावाक पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध है। इससे भारतीय यात्रियों तक सीधी पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
भविष्य की योजनाओं में बाजार अनुसंधान और अनुकूलन शामिल
बोर्ड भारतीय बाजार का लगातार अनुसंधान करेगा। यात्री प्रवृत्तियों के अनुसार अपने प्रस्तावों को ढालेगा। इससे सारावाक की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। मलेशिया पर्यटन की वेबसाइट पर भी संबंधित जानकारी मिल सकती है। इस रणनीति का लक्ष्य भारत से आगंतुक संख्या में स्थिर वृद्धि करना है।
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