अमेरिकी एफ-47 को 8.5 बिलियन डॉलर का फंडिंग मिला
अमेरिकी वायु सेना के एफ-47 फाइटर जेट को बड़ी सफलता मिली है। इस परियोजना के लिए 8.5 बिलियन डॉलर का फंडिंग सुरक्षित हो गया है। यह राशि विमान के विकास और उत्पादन में सहायता करेगी। यह निवेश अमेरिकी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा।
जीसीएपी ने 908 मिलियन डॉलर का अनुबंध हासिल किया
ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (जीसीएपी) ने भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ब्रिटेन, जापान और इटली की इस संयुक्त परियोजना को 908 मिलियन डॉलर का अनुबंध मिला है। यह फंडिंग छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के डिजाइन के लिए है। यह कदम भविष्य की वायु शक्ति को परिभाषित करेगा।
फ्रांस-जर्मन एफसीएएस परियोजना में देरी
फ्रांस और जर्मनी की संयुक्त परियोजना एफसीएएस में समस्या आई है। यह फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम 2026 में औद्योगिक विवादों के कारण अटक गया है। दोनों देशों की कंपनियों के बीच कार्य विभाजन को लेकर मतभेद हैं। इस गतिरोध से यूरोपीय रक्षा सहयोग प्रभावित हो सकता है।
वैश्विक रक्षा बाजार में प्रतिस्पर्धा
ये घटनाएं वैश्विक रक्षा बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती हैं। अमेरिका और जीसीएपी साझेदार आगे बढ़ रहे हैं। जबकि यूरोपीय परियोजना राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। रक्षा प्रौद्योगिकी में निवेश का यह दौर जारी रहेगा।
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