2026 में महिलाओं के लिए 10 सबसे खराब देश, देखें

दुनिया के 10 सबसे खराब महिला-अनुकूल देश 2026: GIWPS रिपोर्ट

वैश्विक महिला शांति और सुरक्षा सूचकांक (GIWPS) ने 2026 के लिए एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। इसमें दुनिया के 10 सबसे खराब महिला-अनुकूल देशों की सूची दी गई है। यह सूची महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर आधारित है। GIWPS इन मापदंडों पर देशों की रैंकिंग तय करता है। नीचे पढ़ें उन देशों के नाम जहां महिलाओं के लिए स्थितियां सबसे चिंताजनक हैं।

GIWPS रैंकिंग का आधार क्या है?

GIWPS तीन मुख्य क्षेत्रों में देशों का मूल्यांकन करता है। पहला है महिलाओं की सुरक्षा, दूसरा है शिक्षा और स्वास्थ्य, और तीसरा है आर्थिक भागीदारी। इन क्षेत्रों में कम अंक वाले देशों को इस सूची में शामिल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये देश महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित नहीं कर पाते। इसका सीधा असर महिलाओं के जीवन स्तर पर पड़ता है।

10 सबसे खराब महिला-अनुकूल देश

यहां GIWPS द्वारा 2026 की सूची में शामिल देशों के नाम दिए जा रहे हैं। पहले स्थान पर अफगानिस्तान है, जहां महिलाओं की स्थिति सबसे खराब बताई गई है। इसके बाद यमन, चाड, सूडान, नाइजर, माली, सोमालिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो, मध्य अफ्रीकी गणराज्य और बांग्लादेश का नाम है। इन देशों में महिलाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखा जाता है।

अफगानिस्तान: सबसे खराब स्थिति

अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बाद महिलाओं की स्थिति और खराब हो गई है। यहां लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं है। महिलाओं को नौकरी और सार्वजनिक स्थानों पर जाने से रोका जाता है। GIWPS के मुताबिक, इस देश में महिलाओं के लिए कोई कानूनी सुरक्षा नहीं है। यह पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है। अधिक जानकारी के लिए GIWPS आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

यमन और चाड: युद्ध और गरीबी का असर

यमन में लंबे समय से चल रहे गृहयुद्ध ने महिलाओं की हालत और बिगाड़ दी है। यहां महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलतीं। चाड में बाल विवाह की दर बहुत अधिक है। इन देशों में महिलाओं की शिक्षा का स्तर बहुत कम है। GIWPS रिपोर्ट के अनुसार, ये देश महिला सशक्तिकरण के मामले में बिल्कुल पिछड़े हुए हैं। इस विषय पर और पढ़ें UN वीमेन की वेबसाइट पर।

सूडान और नाइजर: प्राकृतिक आपदाओं से त्रस्त

सूडान में संघर्ष और प्राकृतिक आपदाओं ने महिलाओं की समस्याएं बढ़ा दी हैं। नाइजर में अत्यधिक गरीबी के कारण महिलाओं के पास संसाधन नहीं हैं। इन देशों में मातृ मृत्यु दर बहुत अधिक है। GIWPS के अनुसार, यहां महिलाओं को आर्थिक अवसर नहीं मिलते। इसका सीधा असर उनके जीवन स्तर पर पड़ता है।

बांग्लादेश: सूची में शामिल होने की वजह

बांग्लादेश इस सूची में दक्षिण एशिया का एकमात्र देश है। यहां महिलाओं के खिलाफ हिंसा और बाल विवाह की समस्या है। GIWPS की रिपोर्ट के अनुसार, इस देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बहुत कम है। हालांकि, कपड़ा उद्योग में काम करने वाली महिलाओं ने कुछ सुधार किया है, लेकिन समग्र स्थिति में बदलाव नहीं आया है।

सभी देशों के लिए चेतावनी

GIWPS की यह रिपोर्ट दुनिया भर की सरकारों के लिए चेतावनी है। महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के बिना किसी देश का विकास संभव नहीं है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इन देशों में सुधार के लिए कदम उठाने की अपील की है। आम नागरिकों को भी जागरूक होने की जरूरत है। अधिक जानकारी के लिए विश्व बैंक की जेंडर रिपोर्ट देख सकते हैं।

क्या किया जा सकता है?

इन देशों में महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों में निवेश बढ़ाना होगा। GIWPS ने सुझाव दिया है कि स्थानीय संगठनों को समर्थन दिया जाए। महिलाओं के लिए कानूनी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। केवल तभी इन देशों में बदलाव आ सकता है।
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